एसएलसी मांगा तो फेल कर दिए विद्यार्थी, अभिभावकों में रोष
सोनीपत। शहर में एक निजी स्कूल में एसएलसी (स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र) मांगने पर पर विद्यार्थियों को फेल कर रिपोर्ट कार्ड अभिभावकों को थमा दिया। जिससे अभिभावकों में रोष बना हुआ है। अभिभावकों ने मॉडल टाउन स्थित बीईओ कार्यालय पहुंच स्कूल के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है। जिसमें अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर बेवजह परेशान करने व बच्चों को इसी स्कूल में रखने का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है।
श्याम नगर निवासी मीना ने बताया कि उसके दो बच्चे शहर के हरियाणा वैदिक स्कूल में पढ़ते हैं। बेटी सातवीं व बेटा पांचवीं कक्षा में है। स्कूल की फीस अधिक है, जिसे वे वहन नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि वे अब अपने बच्चों का राजकीय स्कूल में दाखिला कराना चाहते हैं।
अभिभावकों का आरोप है कि वे जब स्कूल में एसएलसी व रिपोर्ट कार्ड लेने गए तो स्कूल की तरफ से रिपोर्ट में लाल पैन से फेल लिख दिया गया। जबकि नियमानुसार 8वीं कक्षा तक बच्चे को फेल नहीं किया जा सकता। अभिभावकों का कहना है कि वे प्राचार्य से भी मिले, लेकिन उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने बच्चे को इसी स्कूल में दाखिला कराने के लिए कहा।
अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने स्कूल में बच्चों की पूरी फीस का भुगतान कर दिया है, उसके बावजूद एसएलसी नहीं दिया जा रहा। अभिभावक राजेंद्र का कहना है कि अपने बच्चों का राजकीय स्कूल में दाखिला कराने के लिए वे निजी स्कूल में एसएलसी लेने के लिए कई चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उन्हें एसएलसी नहीं दिया जा रहा। हर बार नया बहाना बना लिया जाता है। निजी स्कूल की मनमानी के खिलाफ ही जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है।
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एसएलसी देने से मना नहीं किया
स्कूल द्वारा किसी भी बच्चे को एसएलसी देने से मना नहीं किया गया। अभिभावक जो भी आरोप लगा रहे हैं, निराधार हैं। परीक्षा के दौरान कुछ पेपरों में बच्चे अनुपस्थित रहे तो कुछ पेपर में जीरो अंक है, ऐसे में बच्चों को कैसे पास किया जाए। अभिभावकों को रि-अपीयर की परीक्षा देने के लिए भी कहा था, लेकिन अभिभावक समझाने के बाद भी मानने को तैयार नहीं है। अभिभावकों ने बच्चों की फीस भी समय पर जमा नहीं कराई थी। - नीलम सांगवान, प्राचार्य, हरियाणा वैदिक स्कूल, सोनीपत
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कुछ अभिभावकों ने निजी स्कूल द्वारा एसएलसी न देने की शिकायत दी है। मामले की जांच करवाई जाएगी। नियमानुसार कोई भी स्कूल फीस का भुगतान करने पर अभिभावकों को एसएलसी देने से मना नहीं कर सकता। बच्चे को फेल करने के मामले की भी जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। - बिजेंद्र नरवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत

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